Wednesday, 27 March 2019
माँ
माँ
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हम शब्द है
तो वो भाषा है
हम झरने है
तो वो समुन्दर है
हम छंद है
तो वो कविता है
हम लव-कुश है
तो वो सीता है
हम मस्तक है
तो वो ताज है
हम सुर है
तो वो साज है
भावना एहसास है
खुशबू का आभास है
जगत की धूरी है
उस बिन कल्पना अधूरी है
खुशियों की फुलवारी है
आनंद की किलकारी है
वो रब के जैसा है
प्रेम अपनापन ऐसा है
माँ सबसे न्यारी है
हमारे जीवन की क्यारी है
की थी अपनी खुशियां कुर्बान
माँ के लिए रखना ह्रदय में
सदा सम्मान * * * * *
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हम शब्द है
तो वो भाषा है
हम झरने है
तो वो समुन्दर है
हम छंद है
तो वो कविता है
हम लव-कुश है
तो वो सीता है
हम मस्तक है
तो वो ताज है
हम सुर है
तो वो साज है
भावना एहसास है
खुशबू का आभास है
जगत की धूरी है
उस बिन कल्पना अधूरी है
खुशियों की फुलवारी है
आनंद की किलकारी है
वो रब के जैसा है
प्रेम अपनापन ऐसा है
माँ सबसे न्यारी है
हमारे जीवन की क्यारी है
की थी अपनी खुशियां कुर्बान
माँ के लिए रखना ह्रदय में
सदा सम्मान * * * * *
Friday, 22 March 2019
Thursday, 21 March 2019
सत्य
सत्य वह नही
जो चला गया
सत्य वह है
जो तुममे शेष है
प्राप्ति वह है कि
समय को
नूतन आकृतियों में पकड़ो
जो चला गया
सत्य वह है
जो तुममे शेष है
प्राप्ति वह है कि
समय को
नूतन आकृतियों में पकड़ो
सूर्य देव
नही द्वेष है नही भेद है नही मद दिखलाते
परोपकार में जीवन निधि को सूर्य देव है लुटाते।
प्रकृति नष्ट न करता मानव न विषम दाह बरसाते
विरहणी बन धरा विलखती व्यथा गीत खग गाते।
तुम भी सीखो हे मानव! अक्षय स्रोत बतलाते
हरियाली उपहार धरा की लोक निमित्त ही आते।
जड़ चेतन में नव जोश जगाते अपना धर्म निभाते
गहन तिमिर से लड़कर विजय पथ दिखलाते।
परोपकार में जीवन निधि को सूर्य देव है लुटाते।
प्रकृति नष्ट न करता मानव न विषम दाह बरसाते
विरहणी बन धरा विलखती व्यथा गीत खग गाते।
तुम भी सीखो हे मानव! अक्षय स्रोत बतलाते
हरियाली उपहार धरा की लोक निमित्त ही आते।
जड़ चेतन में नव जोश जगाते अपना धर्म निभाते
गहन तिमिर से लड़कर विजय पथ दिखलाते।
Friday, 23 September 2016
Thursday, 25 August 2016
यशोदा तेरा नंदलाला
यशोदा तेरा नटखट है श्याम नंदलाला
उधम मचाते है गोकुला में निराला।।
जहा देखे वहा इनकी ही चर्चा है।
दही दूध माखन का ही तो ख़र्चा है।।
कान को पकड़ इनको नचाती ग्वाल-वाला।
यशोदा तेरा नटखट है श्याम नंदलाला।।
जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं------
उधम मचाते है गोकुला में निराला।।
जहा देखे वहा इनकी ही चर्चा है।
दही दूध माखन का ही तो ख़र्चा है।।
कान को पकड़ इनको नचाती ग्वाल-वाला।
यशोदा तेरा नटखट है श्याम नंदलाला।।
जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं------
Friday, 1 January 2016
नया साल आया
आप सभी को नववर्ष के शुभकामनाएं...
नया साल आया
नया है सवेरा,
इस नूतन वर्ष में
सबका हो बसेरा |
सबका जीवन सुखमय हो
अब कोई न हो बखेड़ा |
जन-जन में घुले प्रेमरस,
क्या है तेरा क्या है मेरा |
इस नूतन किरणों के संग,
सबका हो नया सवेरा |
नया साल आया
नया है सवेरा,
इस नूतन वर्ष में
सबका हो बसेरा |
सबका जीवन सुखमय हो
अब कोई न हो बखेड़ा |
जन-जन में घुले प्रेमरस,
क्या है तेरा क्या है मेरा |
इस नूतन किरणों के संग,
सबका हो नया सवेरा |
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