Friday, 23 September 2016

कविता

देख ये थी मेरी दुनिया,
हम मिलकर रहते थे।
हम सब अपने थे,
'मैं' से दूर रहते थे

Thursday, 25 August 2016

यशोदा तेरा नंदलाला

यशोदा तेरा नटखट है श्याम नंदलाला
उधम मचाते है गोकुला में निराला।।
जहा देखे वहा इनकी ही चर्चा है।
दही दूध माखन का ही तो ख़र्चा है।।
कान को पकड़ इनको नचाती ग्वाल-वाला।
यशोदा तेरा नटखट है श्याम नंदलाला।।

जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं------

Friday, 1 January 2016

नया साल आया

आप सभी को नववर्ष के शुभकामनाएं...

नया साल आया
नया है  सवेरा,
इस नूतन वर्ष में
सबका हो बसेरा |
सबका जीवन सुखमय हो
अब कोई न हो बखेड़ा |
जन-जन में घुले प्रेमरस,
क्या है तेरा क्या है मेरा |
इस नूतन किरणों के संग,
सबका हो नया सवेरा |