Friday, 22 March 2019
Thursday, 21 March 2019
सत्य
सत्य वह नही
जो चला गया
सत्य वह है
जो तुममे शेष है
प्राप्ति वह है कि
समय को
नूतन आकृतियों में पकड़ो
जो चला गया
सत्य वह है
जो तुममे शेष है
प्राप्ति वह है कि
समय को
नूतन आकृतियों में पकड़ो
सूर्य देव
नही द्वेष है नही भेद है नही मद दिखलाते
परोपकार में जीवन निधि को सूर्य देव है लुटाते।
प्रकृति नष्ट न करता मानव न विषम दाह बरसाते
विरहणी बन धरा विलखती व्यथा गीत खग गाते।
तुम भी सीखो हे मानव! अक्षय स्रोत बतलाते
हरियाली उपहार धरा की लोक निमित्त ही आते।
जड़ चेतन में नव जोश जगाते अपना धर्म निभाते
गहन तिमिर से लड़कर विजय पथ दिखलाते।
परोपकार में जीवन निधि को सूर्य देव है लुटाते।
प्रकृति नष्ट न करता मानव न विषम दाह बरसाते
विरहणी बन धरा विलखती व्यथा गीत खग गाते।
तुम भी सीखो हे मानव! अक्षय स्रोत बतलाते
हरियाली उपहार धरा की लोक निमित्त ही आते।
जड़ चेतन में नव जोश जगाते अपना धर्म निभाते
गहन तिमिर से लड़कर विजय पथ दिखलाते।
Friday, 23 September 2016
Thursday, 25 August 2016
यशोदा तेरा नंदलाला
यशोदा तेरा नटखट है श्याम नंदलाला
उधम मचाते है गोकुला में निराला।।
जहा देखे वहा इनकी ही चर्चा है।
दही दूध माखन का ही तो ख़र्चा है।।
कान को पकड़ इनको नचाती ग्वाल-वाला।
यशोदा तेरा नटखट है श्याम नंदलाला।।
जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं------
उधम मचाते है गोकुला में निराला।।
जहा देखे वहा इनकी ही चर्चा है।
दही दूध माखन का ही तो ख़र्चा है।।
कान को पकड़ इनको नचाती ग्वाल-वाला।
यशोदा तेरा नटखट है श्याम नंदलाला।।
जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं------
Friday, 1 January 2016
नया साल आया
आप सभी को नववर्ष के शुभकामनाएं...
नया साल आया
नया है सवेरा,
इस नूतन वर्ष में
सबका हो बसेरा |
सबका जीवन सुखमय हो
अब कोई न हो बखेड़ा |
जन-जन में घुले प्रेमरस,
क्या है तेरा क्या है मेरा |
इस नूतन किरणों के संग,
सबका हो नया सवेरा |
नया साल आया
नया है सवेरा,
इस नूतन वर्ष में
सबका हो बसेरा |
सबका जीवन सुखमय हो
अब कोई न हो बखेड़ा |
जन-जन में घुले प्रेमरस,
क्या है तेरा क्या है मेरा |
इस नूतन किरणों के संग,
सबका हो नया सवेरा |
Saturday, 5 December 2015
कौन कहता बेटा-बेटी में अंतर है
कौन कहता बेटा-बेटी में अंतर है ,
लेकिन भ्रूण हत्या हो रहा निरंतर है |
बेटी तो सुख का समुन्दर है ,
स्नेह,ममता, सहनशील शब्द जैसे सुन्दर है |
लेकिन भ्रूण हत्या हो रहा निरंतर है |
बेटी तो सुख का समुन्दर है ,
स्नेह,ममता, सहनशील शब्द जैसे सुन्दर है |
व्याकरण पढ़ो भाषा शुद्ध करो
व्याकरण पढ़ो भाषा शुद्ध करो ,
मौखिक लिखित से विचार व्यक्त करो |
मौखिक में अशुद्धता है कम बोलो ,
बोलने से पहले बार -बार तोलो |
नाप - तोल सही होने पर मुख खोलो ,
बोलते हो , अर्थ कुछ और निकलता है |
अर्थ से अनर्थ होकर राजनीति में फैलता है |
वर्ण के क्रमवद्ध से वर्णमाला बनता है ,
वर्णों के सार्थक समूह से शब्द बनता है |
शब्दों के सार्थक समूह से वाक्य बनता है ,
वाक्य से ही बनता है बिगड़ता है |
मिश्रित सयुंक्त सरल वाक्य को ,
पहचानो फिर बोलो अपना मुख खोलो |
कर्तृवाच्य भाववाच्य कर्मवाच्य समझोगे ,
तब देश में प्रेम भाईचारा और एकता पाओगे |
जब एक -एक की परिभाषा समझोगे ,
तभी अकर्मक सकर्मक क्रिया पहचानोगे |
मौखिक लिखित से विचार व्यक्त करो |
मौखिक में अशुद्धता है कम बोलो ,
बोलने से पहले बार -बार तोलो |
नाप - तोल सही होने पर मुख खोलो ,
बोलते हो , अर्थ कुछ और निकलता है |
अर्थ से अनर्थ होकर राजनीति में फैलता है |
वर्ण के क्रमवद्ध से वर्णमाला बनता है ,
वर्णों के सार्थक समूह से शब्द बनता है |
शब्दों के सार्थक समूह से वाक्य बनता है ,
वाक्य से ही बनता है बिगड़ता है |
मिश्रित सयुंक्त सरल वाक्य को ,
पहचानो फिर बोलो अपना मुख खोलो |
कर्तृवाच्य भाववाच्य कर्मवाच्य समझोगे ,
तब देश में प्रेम भाईचारा और एकता पाओगे |
जब एक -एक की परिभाषा समझोगे ,
तभी अकर्मक सकर्मक क्रिया पहचानोगे |
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