मेरी भावनाएं.../कंचनलता चतुर्वेदी
Tuesday, 18 August 2020
मुक्तक
एक कोशिश
2122 2122 2122
जिन्दगी को मैं सजाना चाहती हूँ।
कुछ नया करके दिखाना चाहती हूँ।
है कठिन यदि ये डगर तो क्या हुआ जी,
सत्य का इक पथ बनाना चाहती हूँ।
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